पापा हिन्दि कविता
पापा जो दिल की बात कभी कहते नहीं है
पापा जो मुश्किलों में भी कभी हारते नहीं है
पापा जो कभी किसी चीज के लिए ना कहते नहीं है
पापा कितने भी परेशान क्यों ना हो दिखाते नहीं है
यह तो पापा ही होते हैं जो खुद के लिए कभी जीते ही नहीं है
यह तो पापा ही कर सकते हैं जो अपने घर को खुशियां दिए बिना कभी सोते नहीं हैं।
काव्यरस
मिसळपाव