वेल्लाभट in जे न देखे रवी... 4 Dec 2014 - 5:24 pm कापडाच्या दुकानात एक कापड आवडलं पण घेतलं नाही दुकानदाराला सांगितलं धागा छान आहे रंग उत्तम आहे नक्षीही सुरेख आहे फक्त 'टेक्श्चर' चांगलं नाही नंतर विचार केला, तेंव्हा काही माणसं डोळ्यासमोर तरळली; त्यांचही असंच आहे.... शांतरसकवितामुक्तक प्रतिक्रिया सहीये.पटलं 4 Dec 2014 - 10:27 pm | भाग्यश्री कुलकर्णी सहीये.पटलं क्या बात !!! 5 Dec 2014 - 2:14 am | खटपट्या क्या बात !!! वा!मुक्तक आवडले ! 5 Dec 2014 - 9:54 am | चुकलामाकला वा!मुक्तक आवडले ! वाह्ह... 5 Dec 2014 - 3:30 pm | मदनबाण वाह्ह... मदनबाण..... आजची स्वाक्षरी :- आज स्वाक्षरीचा संप आहे. ;) जियो..... 5 Dec 2014 - 4:26 pm | माम्लेदारचा पन्खा काय बोललात....वैश्विक सत्य ! छान 5 Dec 2014 - 8:19 pm | मित्रहो छान शतप्रतिशत सहमत कुल 5 Dec 2014 - 8:28 pm | स्पा कुल Jallaa, kaay kallaa naay 6 Dec 2014 - 7:12 pm | होकाका Jallaa, kaay kallaa naay
प्रतिक्रिया
4 Dec 2014 - 10:27 pm | भाग्यश्री कुलकर्णी
सहीये.पटलं
5 Dec 2014 - 2:14 am | खटपट्या
क्या बात !!!
5 Dec 2014 - 9:54 am | चुकलामाकला
वा!मुक्तक आवडले !
5 Dec 2014 - 3:30 pm | मदनबाण
वाह्ह...
मदनबाण.....
आजची स्वाक्षरी :- आज स्वाक्षरीचा संप आहे. ;)
5 Dec 2014 - 4:26 pm | माम्लेदारचा पन्खा
काय बोललात....वैश्विक सत्य !
5 Dec 2014 - 8:19 pm | मित्रहो
छान
शतप्रतिशत सहमत
5 Dec 2014 - 8:28 pm | स्पा
कुल
6 Dec 2014 - 7:12 pm | होकाका
Jallaa, kaay kallaa naay