ॐकार in जनातलं, मनातलं 16 Mar 2008 - 11:02 am अनुक्रमणिका चित्रकळा - १चित्रकळा - २ चित्रकळा - ३ चित्रकळा - २ › पुढील चित्रांत काही मराठी शब्द आहेत. ओळखा पाहू! १) २) ३) ४) ५) हे ठिकाण प्रतिक्रिया छान 16 Mar 2008 - 11:06 am | प्रमोद देव १) बटबटीत २)घरघर ४) कोरडा बटबटीत नाही 16 Mar 2008 - 11:07 am | ॐकार :) बायकी? 16 Mar 2008 - 11:20 am | प्रमोद देव तर नाही? गंमत 16 Mar 2008 - 11:22 am | सहज १) गळ? ३) सारखा? सामुदायिक? सावरखाली? (बळचकर प्रयत्न) ५) पाचर चित्रकळा 16 Mar 2008 - 11:50 am | सचिन बकाल ? घरघर ? (=> प्रमोदकाका) सावरकर ? कोरडा ? (=> प्रमोदकाका) पाचर ? (=> सहज) असेच, 16 Mar 2008 - 12:12 pm | विसोबा खेचर माझेही उत्तर सचिनप्रमाणेच! बाय द वे ॐकारा, चित्रांतून कोडी घालायची तुझी कल्पना बाकी आवडली! :) तात्या. सही 16 Mar 2008 - 2:11 pm | नंदन ही कोड्यांची कल्पना आवडली. शीर्षकही समर्पक आहे. २-५ घरघर, सावरखाली, कोरडा, पाचर ही उत्तरे वरील प्रतिसादींनी दिल्याप्रमाणेच. पहिले 'बदल' आहे का? नंदनमराठी साहित्यविषयक अनुदिनी बहूतेक 17 Mar 2008 - 12:37 am | स्वाती राजेश १.बल २.घरघर ३. साप ४.क्रोध ५.पाचर बहुतेक.. 17 Mar 2008 - 1:05 am | प्राजु १. बल २. घरघर ४. कोरडा ५. पाचर.. - (सर्वव्यापी)प्राजु ४), ५) 17 Mar 2008 - 1:22 am | अनिकेत ४) कोहं? ५) थरथर ? एक प्रयत्न :) 17 Mar 2008 - 10:26 am | राजमुद्रा १.बगळा २.घरघर ३. साप ४.कोरडा ५.पाचर राजमुद्रा :) उत्तरे 17 Mar 2008 - 6:02 pm | ॐकार १) बगळे (ब गळे) २) घरघर ३)सापडलेले (सा पडलेले) ४)कोरडे (को रडे) ५)पाचर (पाच र) मजेदार 17 Mar 2008 - 8:57 pm | लिखाळ मस्त... सुपीक डोके :) पुढ्च्या चित्रकळेच्या प्रतिक्षेत. --लिखाळ. वा !! 17 Mar 2008 - 10:44 pm | सचिन एकदम सुडोकू !! (सुपीक डोक्याला जपानीत हेच म्हणतात ना ?) वा!! 18 Mar 2008 - 7:20 am | पिवळा डांबिस १. बदक २.बत्ती ३. सरगम ४. बायको ५. घरघर मला ४ तर माझ्याकडे रोखून बघतो आहे असेच वाटते, त्यामुळे ५ = घरघर!!! -पिवळा डांबिस म्हणजे असं तर नाही डांबिसकाका? 18 Mar 2008 - 8:24 am | चतुरंग 'ही' (पक्षी : ऑन द रॉक्स) जास्त झाल्यामुळे तुमची '२' गुल होऊन आपसूक '३' गाणे चालू झाले त्यावेळी '४' ने रोखून बघितल्यामुळे तुमचे '१' झाले आणि त्यामुळे जिवाला '५' लागली?!!?!!:)))) चतुरंग सुंदर 18 Mar 2008 - 9:36 am | आजानुकर्ण जबरा कोडे ॐकारशेठ अतिशय आवडले. (संतुष्ट) आजानुकर्ण
प्रतिक्रिया
16 Mar 2008 - 11:06 am | प्रमोद देव
१) बटबटीत २)घरघर ४) कोरडा
16 Mar 2008 - 11:07 am | ॐकार
:)
16 Mar 2008 - 11:20 am | प्रमोद देव
तर नाही?
16 Mar 2008 - 11:22 am | सहज
१) गळ?
३) सारखा? सामुदायिक? सावरखाली? (बळचकर प्रयत्न)
५) पाचर
16 Mar 2008 - 11:50 am | सचिन
बकाल ?
घरघर ? (=> प्रमोदकाका)
सावरकर ?
कोरडा ? (=> प्रमोदकाका)
पाचर ? (=> सहज)
16 Mar 2008 - 12:12 pm | विसोबा खेचर
माझेही उत्तर सचिनप्रमाणेच!
बाय द वे ॐकारा, चित्रांतून कोडी घालायची तुझी कल्पना बाकी आवडली! :)
तात्या.
16 Mar 2008 - 2:11 pm | नंदन
ही कोड्यांची कल्पना आवडली. शीर्षकही समर्पक आहे. २-५ घरघर, सावरखाली, कोरडा, पाचर ही उत्तरे वरील प्रतिसादींनी दिल्याप्रमाणेच. पहिले 'बदल' आहे का?
नंदनमराठी साहित्यविषयक अनुदिनी
17 Mar 2008 - 12:37 am | स्वाती राजेश
१.बल
२.घरघर
३. साप
४.क्रोध
५.पाचर
17 Mar 2008 - 1:05 am | प्राजु
१. बल
२. घरघर
४. कोरडा
५. पाचर..
- (सर्वव्यापी)प्राजु
17 Mar 2008 - 1:22 am | अनिकेत
४) कोहं?
५) थरथर ?
17 Mar 2008 - 10:26 am | राजमुद्रा
१.बगळा
२.घरघर
३. साप
४.कोरडा
५.पाचर
राजमुद्रा :)
17 Mar 2008 - 6:02 pm | ॐकार
१) बगळे (ब गळे)
२) घरघर
३)सापडलेले (सा पडलेले)
४)कोरडे (को रडे)
५)पाचर (पाच र)
17 Mar 2008 - 8:57 pm | लिखाळ
मस्त...
सुपीक डोके :)
पुढ्च्या चित्रकळेच्या प्रतिक्षेत.
--लिखाळ.
17 Mar 2008 - 10:44 pm | सचिन
एकदम सुडोकू !!
(सुपीक डोक्याला जपानीत हेच म्हणतात ना ?)
18 Mar 2008 - 7:20 am | पिवळा डांबिस
१. बदक
२.बत्ती
३. सरगम
४. बायको
५. घरघर
मला ४ तर माझ्याकडे रोखून बघतो आहे असेच वाटते,
त्यामुळे ५ = घरघर!!!
-पिवळा डांबिस
18 Mar 2008 - 8:24 am | चतुरंग
'ही' (पक्षी : ऑन द रॉक्स) जास्त झाल्यामुळे तुमची '२' गुल होऊन आपसूक '३' गाणे चालू झाले त्यावेळी '४' ने रोखून बघितल्यामुळे तुमचे '१' झाले आणि त्यामुळे जिवाला '५' लागली?!!?!!:))))
चतुरंग
18 Mar 2008 - 9:36 am | आजानुकर्ण
जबरा कोडे ॐकारशेठ
अतिशय आवडले.
(संतुष्ट) आजानुकर्ण