पडघम २०१४-भाग ९: बॅटलग्राऊंड स्टेट-गुजरात
पडघम २०१४-भाग ९: बॅटलग्राऊंड स्टेट-गुजरात
यापूर्वीचे लेखन
भाग १: राज्य विधानसभा आणि लोकसभा निवडणुकांमधील मतदानामधील फरक
भाग २: क्रिटिकल मास
भाग ३: बॅटलग्राऊंड स्टेट- मध्य प्रदेश
भाग ४: बॅटलग्राऊंड स्टेट-कर्नाटक
भाग ५: बॅटलग्राऊंड स्टेट- राजस्थान
भाग ६: बॅटलग्राऊंड स्टेट- केरळ
भाग ७: बॅटलग्राऊंड स्टेट-महाराष्ट्र: मुंबई परिसर आणि कोकण
भाग ८: बॅटलग्राऊंड स्टेट-महाराष्ट्र (पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र, विदर्भ आणि मराठवाडा)
सुरवातीला गुजरातमध्ये २००७ च्या विधानसभा आणि २००९ च्या लोकसभा निवडणुकांमध्ये काय झाले हे बघू.
तक्ता क्रमांक १
तक्ता क्रमांक १ वरून खालील गोष्टी कळतात
१. २००७ ते २००९ या काळात भाजपची मते कमी झाली आणि कॉंग्रेसची वाढली. २००९ च्या निवडणुकांच्या वेळी भाजपला निवडणुका लढवायला मुद्दा नव्हता. युपीए-२ मध्ये जे घोटाळे बाहेर आले त्यांचे मूळ युपीए-१ मध्ये असले तरी ते घोटाळे बाहेर आलेले नव्हते.त्यामुळे कॉंग्रेस पक्ष आताइतका बदनाम झाला नव्हता. याविषयी अधिक इथे
तसेच २००९ मध्ये गोवर्धन झाडपियांनी नरेन्द्र मोदींबरोबर मतभेद झाल्यामुळे स्वत:चा महागुजरात जनता पक्ष स्थापन केला.त्यांनी भावनगर मतदारसंघातून निवडणुक लढवून भाजपपुढे मोठी अडचण निर्माण केली होती.भावनगर या आपल्या बालेकिल्ल्यातही भाजपचा अगदी थोडक्यात (१% पेक्षा कमी मताधिक्याने) विजय झाला होता.
२. २०१२ मध्ये केशुभाई पटेलांनी गोवर्धन झाडपियांना बरोबर घेऊन आपला गुजरात जनता पक्ष स्थापन केला.त्या पक्षाने विधानसभेत १८२ पैकी अवघ्या २ जागा जिंकल्या पण आणखी किमान १५ विधानसभा मतदारसंघांमध्ये भाजप आणि गुपपची मते कॉंग्रेसला मिळालेल्या मतांपेक्षा जास्त होती.
तक्ता क्रमांक २ मध्ये २०१२ च्या विधानसभा निवडणुकांमध्ये लागलेले निकाल दिले आहेत
तक्ता क्रमांक २
तक्ता क्रमांक ३ मध्ये २०१२ च्या विधानसभा मतदारसंघांमध्ये लोकसभा मतदारसंघनिहाय मतांची टक्केवारी दिली आहे.
तक्ता क्रमांक ३
तक्ता क्रमांक ३ वरून आपल्याला कळते की भाजपला २१ तर कॉंग्रेसला ५ लोकसभा मतदारसंघक्षेत्रांमध्ये आघाडी मिळाली होती. ज्या पाच लोकसभा मतदारसंघांमध्ये कॉंग्रेसला आघाडी मिळाली होती त्यापैकी चार मतदारसंघांमध्ये गुपपने भाजपची मते खाल्यामुळे कॉंग्रेसला आघाडी मिळाली होती. यावरूनच गुपपने भाजपचे किती नुकसान केले हे समजून येईल.
२०१४ च्या लोकसभा निवडणुकांसाठीचे अंदाज
माझे अंदाज पुढील गृहितकांवर आधारीत आहेत:
१. नरेन्द्र मोदींना पंतप्रधानपदाचे उमेदवार म्हणून भाजपने जाहिर केल्यामुळे राज्यात भाजपची जोरदार लाट असेल.
२. केशुभाई पटेलांचा गुपप आता भाजपमध्ये विलीन झाला आहे. पहिल्या भागात म्हटल्याप्रमाणे या पक्षाची कामगिरी लोकसभा निवडणुकांमध्ये विधानसभा निवडणुकांइतकी चांगली झाली नक्कीच झाली नसती. तरीही गुपपने जितकी मते घेतली असती त्यापैकी बहुसंख्य मते भाजपकडे वळतील.
३. २०१२ मध्ये इतरांना ९.६% मते मिळाली होती.त्यापैकी साधारण ५% मते कमी होतील आणि ती भाजप आणि कॉंग्रेसकडे वळतील.त्यापैकी भाजप किमान ३% मते आपल्याकडे खेचेल आणि कॉंग्रेसला उरलेली २% मते मिळतील.
४. या सगळ्याचा परिणाम म्हणून भाजपला ५२-५३% मते तर कॉंग्रेसला ४२-४३% मते मिळतील.
गुजरात हे थेट दुरंगी लढत असलेले राज्य आहे.अशा राज्यात मोठ्या पक्षाने ५०% मते ओलांडली तर त्या पक्षाला व्यस्त प्रमाणात अधिक जागा मिळतात. तसेच गुजरातमध्ये होईल.
विविध मतदारसंघांविषयीचे अंदाज
१. वडोदरा: या मतदारसंघात नरेन्द्र मोदी विरूध्द कॉंग्रेसचे मधुसूदन मिस्त्री असा सामना आहे. या मतदारसंघातून मोदी विक्रमी मताधिक्याने विजयी होतील असे मला वाटते.
२. गांधीनगर: या मतदारसंघात भाजपचे लालकृष्ण अडवाणी विरूध्द कॉंग्रेसचे किरीट पटेल असा सामना आहे. गांधीनगरमधून अडवाणींना विजयी व्हायला काहीच हरकत नसावी.
३. अहमदाबाद पूर्व: या मतदारसंघात भाजपचे परेश रावळ विरूध्द कॉंग्रेसचे हिम्मतलाल पटेल असा सामना आहे.अहमदाबाद शहर हा भाजपचा बालेकिल्ला आहे.परेश रावळ जरी अराजकीय उमेदवार असले आणि हरिन पाठक यांना उमेदवारी नाकारल्यामुळे अडवाणी गटात नाराजी असली तरी गुजरातमध्ये (आणि देशात इतर अनेक ठिकाणी) स्थानिक उमेदवाराला फारसे महत्व राहिलेले नाही तर नरेन्द्र मोदीच या मतदारसंघांमध्ये उभे असल्याप्रमाणे परिस्थिती आहे.त्यामुळे परेश रावळ यांना विजय मिळवायला काहीच तोशिश पडू नये.
४. खेडा: या मतदारसंघात भाजपचे देवुसिंग चौहान विरूध्द कॉंग्रेसचे केंद्रीय मंत्री दिनशा पटेल यांच्यात सामना आहे.दिनशा पटेल २००९ मध्ये अगदी थोडक्यात (०.१४% ने) बचावले.देशातील कॉंग्रेसविरोधी वातावरण लक्षात घेता यावेळी खेडामध्ये दिनशा पटेल यांचा पराभव होईल. देवुसिंग चौहान मागच्या वेळच्या पराभवाची भरपाई करणार असे मला वाटते.
५. आणंद: या मतदारसंघात भाजपचे दिलीप पटेल विरूध्द कॉंग्रेसचे ज्येष्ठ नेते आणि माजी मुख्यमंत्री माधवसिंग सोळंकी यांचे चिरंजीव दिनेश सोळंकी यांच्यात सामना आहे.आणंद कॉंग्रेसचा अगदी बालेकिल्ला नसला तरी राज्यात इतर अनेक ठिकाणी पक्षाची वाताहत झाली आहे तशी परिस्थिती आणंदमध्ये नाही.दिनेश सोळंकी विजयी झाले तरी मला आश्चर्य वाटणार नाही.
६. साबरकांठा: या एकमेव मतदारसंघात कॉंग्रेसला २०१२ च्या विधानसभा निवडणुकांमध्ये चांगल्यापैकी आघाडी होती.मतदारसंघात कॉंग्रेसचे शंकरसिंग वाघेला आणि भाजपचे दिपसिंग राठोड अशी लढत आहे.मला वाटते या मतदारसंघात कॉंग्रेसचे शंकरसिंग वाघेला बाजी मारणार.
याव्यतिरिक्त कॉंग्रेस वलसाड/ बार्डोली यापैकी एखादी जागा जिंकेल असे मला वाटते.
या पार्श्वभूमीवर मला वाटते की राज्यात पुढीलप्रमाणे निकाल लागतील:
| गुजरात | २००७ | २००९ | २००७ | २००९ | २००७ | २००९ | |
| मते % | मते % | मतांमधील फरक | विधानसभा जागा | विधानसभा जागा आघाडी | लोकसभा जागा आघाडी | लोकसभा जागा | |
| भाजप | ४९.१% | ४६.५% | -२.६% | ११७ | १०६ | १८ | १५ |
| कॉंग्रेस | ३८.०% | ४३.४% | ५.४% | ५९ | ७५ | ८ | ११ |
| महागुजरात जनता पक्ष | १.४% | १.४% | ० | ० | ० | ० | |
| इतर | १२.९% | ८.७% | -४.२% | ६ | १ | ० | ० |
| गुजरात | २०१२ | ||
| मते % | विधानसभा जागा | लोकसभा जागा आघाडी | |
| भाजप | ४७.९% | ११५ | २१ |
| कॉंग्रेस | ३८.९% | ६२ | ५ |
| गुजरात जनता पक्ष | ३.६% | २ | ० |
| इतर | ९.६% | ३ | ० |
| लोकसभा मतदारसंघ | भाजप | कॉंग्रेस | गुपप | इतर | एकूण | आघाडी | आघाडी % | भाजप+गुपप | आघाडी % |
| अहमदाबाद पूर्व | ५६.२% | ३५.२% | २.३% | ६.३% | १००.०% | भाजप | २१.०% | भाजप | २३.२% |
| अहमदाबाद पश्चिम | ५८.८% | ३३.१% | १.४% | ६.७% | १००.०% | भाजप | २५.७% | भाजप | २७.१% |
| अमरेली | ३९.७% | ३५.६% | ८.८% | १५.९% | १००.०% | भाजप | ४.०% | भाजप | १२.८% |
| आणंद | ४४.१% | ४२.३% | १.२% | १२.४% | १००.०% | भाजप | १.८% | भाजप | ३.०% |
| बनासकांठा | ४१.२% | ४२.०% | १.०% | १५.९% | १००.०% | कॉंग्रेस | ०.८% | भाजप | ०.२% |
| बार्डोली | ५१.५% | ३८.५% | २.८% | ७.२% | १००.०% | भाजप | १२.९% | भाजप | १५.७% |
| भरूच | ४६.०% | ३७.३% | १.५% | १५.२% | १००.०% | भाजप | ८.७% | भाजप | १०.२% |
| भावनगर | ५०.३% | ३६.२% | ३.४% | १०.१% | १००.०% | भाजप | १४.१% | भाजप | १७.५% |
| छोटा उदयपूर | ४६.३% | ४३.१% | १.७% | ८.९% | १००.०% | भाजप | ३.२% | भाजप | ४.९% |
| दाहोद | ४१.६% | ४२.२% | ३.०% | १३.१% | १००.०% | कॉंग्रेस | ०.६% | भाजप | २.४% |
| गांधीनगर | ५७.९% | ३४.०% | २.४% | ५.७% | १००.०% | भाजप | २३.९% | भाजप | २६.३% |
| जामनगर | ४६.०% | ३८.८% | ६.९% | ८.३% | १००.०% | भाजप | ७.२% | भाजप | १४.१% |
| जुनागढ | ४०.५% | ३४.२% | १४.०% | ११.३% | १००.०% | भाजप | ६.३% | भाजप | २०.४% |
| कच्छ | ४४.३% | ४२.३% | ४.०% | ९.४% | १००.०% | भाजप | २.०% | भाजप | ६.०% |
| खेडा | ४६.५% | ४२.४% | २.६% | ८.५% | १००.०% | भाजप | ४.२% | भाजप | ६.८% |
| मेहसाणा | ४९.२% | ३८.६% | १.७% | १०.६% | १००.०% | भाजप | १०.६% | भाजप | १२.३% |
| नवसारी | ५८.१% | ३४.३% | १.९% | ५.७% | १००.०% | भाजप | २३.८% | भाजप | २५.७% |
| पंचमहाल | ४३.४% | ४४.६% | २.४% | ९.६% | १००.०% | कॉंग्रेस | १.३% | भाजप | १.१% |
| पाटण | ४४.८% | ४५.१% | १.७% | ८.३% | १००.०% | कॉंग्रेस | ०.३% | भाजप | १.४% |
| पोरबंदर | ४५.७% | २९.५% | ११.५% | १३.३% | १००.०% | भाजप | १६.२% | भाजप | २७.७% |
| राजकोट | ४३.८% | ३८.२% | ११.१% | ६.८% | १००.०% | भाजप | ५.६% | भाजप | १६.८% |
| साबरकांठा | ३७.९% | ५०.७% | ०.९% | १०.५% | १००.०% | कॉंग्रेस | १२.८% | कॉंग्रेस | १२.०% |
| सुरत | ५९.०% | ३१.९% | ६.३% | २.८% | १००.०% | भाजप | २७.१% | भाजप | ३३.४% |
| सुरेन्द्रनगर | ४८.५% | ४२.३% | २.४% | ६.८% | १००.०% | भाजप | ६.२% | भाजप | ८.६% |
| वडोदरा | ५५.०% | ३२.५% | ०.९% | ११.६% | १००.०% | भाजप | २२.६% | भाजप | २३.५% |
| वलसाड | ४६.८% | ४३.१% | १.१% | ९.१% | १००.०% | भाजप | ३.७% | भाजप | ४.७% |
| एकूण जागा | २६ |
| भाजप | २३ |
| कॉंग्रेस | ३ |
प्रतिक्रिया
मस्त!
आवडले
गुजरातबद्दल साधारण असेच अंदाज
जबरी आकडेवारी आणि मोदींची
२५-१ किंवा २६-० असा निकाल
२६-०
हे तरी कमीच आहे.
शेवटी गुजरात मध्ये भाजप २६-०
सहमत. चाणक्य वाल्यांचा
मस्तच सुरु आहे लेखमाला.