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विडंबन
काटा रुते कुणाला
अरुण मनोहर
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Wed, 09/17/2008 - 08:28
3
(टाळतो)
चतुरंग
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Tue, 09/16/2008 - 21:32
8
बिहारी कणा .. (कुसुमाग्रजांची क्षमा मागून)
उपटसुंभ
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Mon, 09/15/2008 - 13:07
6
(प्रवाह)
बिनडोक बनी
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गुरुवार, 09/11/2008 - 20:02
8
(करमणूक)
चतुरंग
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गुरुवार, 09/11/2008 - 01:35
15
(म्हातारचळ म्हातारचळ)
चतुरंग
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Mon, 09/08/2008 - 03:10
31
(...बोकडाचे खूर काही!)
चतुरंग
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Sat, 09/06/2008 - 01:28
9
तेंव्हा एक कर! (विडंबन)
दिप्ती
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Fri, 09/05/2008 - 15:16
3
(लावू कशी पाटी मी दुकानला हो )
अमोल केळकर
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Fri, 08/29/2008 - 13:31
0
(...आदिम घास...)
चतुरंग
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Wed, 08/27/2008 - 00:47
4
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