जुनाच पण सदाबहार खेळ !! इच्छुकांनी सहभागी व्हावे......
मेरे मेहबूब कयामत होगी....
आज रुसवा तेरी गलियोमे मोहब्बत होगी...
मे री न ज रे तो गि ला क र ती है....
तेरे दिल को भी सनम तुझसे शिकायत होगी....
पुढचे अक्षर "ग"....
जिसके सपने हमे रोज आते रहे,
दिल लुभाते रहे, ये बतादो, बतादो
कही तुम वही तो नही. वही तो नही.
जिसके रोज रोज हम गीत गाते रहे,
गुणगुणाते रहे, ये बतादो बतादो
कही तुम वही तो नही, वही तो नही.
ह घे भो.
-दिलीप बिरुटे
हवा हवा
इ हवा
खुशबू लुटादे
कहा खुली
हां खुली
जुल्फे बता दे
अब उसका पता दे
ज़रा हम को बता दे....
मै उससे मिलुंगा
एकबार मिला दे
यार मिला दे
दिलदार मिला दे
पुढिल अक्षर "द"
करता नहि कोइ मुझे सलाम.. लेता नही कोइ.. मेरा नाम... मै हु वो जिरो.. हा हा :D ZERO...
दस को मै दस लाख करके दिखादुं.. दस लाख को हां करके दिखादु दिखादु.. मै हुं वो झिरो आ आ आ झीरोव.. बोलोजी हिरो...
पुढील अक्षर "फ"
एक दो तिन चार पाच चे सात आठ नवं दस ग्यारा बारा तेरा तेरा करु दिन गिन गिन के इंतजार आजा सनम आइ बहार.
पुढिल अक्षर "र"
अवांतरः- माम्लेदार साहेब विद ऑल रिस्पेक्ट प्रश्न आहे नॉल्स्टेल्जीक झालात की नुकतच वयात आलात ? कसयं भेंड्या प्रकार नुसतं बोट जरी स्पर्श झालं तरी प्रचंड गुदुगुल्या होतात अशा वयात फार रोचक असतात नाही तर गेलेला काळ आठवताना आनंद देतात. आपले प्रयोजन कोणते ? वरील सोडून आणखी कोणते कारण असेल तरीही चालेल. जाणून घ्यायला आवडेल.
म्हणजे काही वय झालं नाहीये हो.....पण जुन्या आठवणी काही वेगळ्याच...
बर्याच वर्षात मैफिलीचा योग काही आलेला नाही..... जुनी गाणी विशेष प्रिय.... हल्लीची निवडकच... म्हणून इथेच सुरू केली मैफल....!!
ईचक दाना बीचक दाना
दाने ऊपर दाना
ईचक दाना
छज्जे ऊपर लड़की नाचे
लड़का है दीवाना
ईचक दाना
बोलो क्या?
अनार
ईचक...
छोटी सी छोकरी, लालबाई नाम है
पहने वो घाघरा, एक पैसा दाम है
मुँह में सबके आग लगाये आता है रुलाना
ईचक दाना
बोलो क्या?
मिर्ची !!
हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी
राजा जी के बाग़ में दुशाला ओढ़े खड़ी थी
कच्चे-पक्के बाल हैं उसके मुखड़ा है सुहाना
ईचक दाना...
बोलो क्या? बोलो बोलो
बुड्ढी !!
भुट्टा !!
एक जानवर ऐसा जिसके दुम पर पैसा
सर पे है ताज भी बादशाह के जैसा
बादल देखे छम-छम नाचे अलबेला मस्ताना
ईचक दाना
बोलो क्या? बोलो ना
मोर !!
चालें वो चलकर दिल में समाया
आ ही गया वो, किया है सफ़ाया
तुम भी देखो बचकर रहना चक्कर में न आना
ईचक दाना...
बोलो क्या?
ग़म?
हम!
पुढे घ्या म
गर खुदा मुझ से कहे, कुछ मांग ऐ बन्दे मेरे
मैं ये माँगू महफिलों के दौर यूँ चलते रहे
हमप्याला, हमनिवाला, हमसफ़र, हमराज हो
ता क़यामत जो चिरागों की तरह जलते रहे
यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी
प्यार हो बन्दों से ये सब से बड़ी है बंदगी
साज-ए-दिल छेड़ो जहाँ में, प्यार की गूंजे सदा
जिन दिलों में प्यार हैं, उन पे बहारें हो फ़िदा
प्यार लेके नूर आया, प्यार लेके ताजगी
जान भी जाए अगर यारी में यारो ग़म नहीं
अपने होते यार हो ग़मग़ीन मतलब हम नहीं
हम जहाँ है उस जगह झूमेगी नाचेगी खुशी
गुल-ए-गुलज़ार क्यों बेजार नजर आता है
चश्म-ए-बद का शिकार यार नजर आता है
छूपा ना हमसे ज़रा हाल-ए-दिल सूना दे तू
तेरी हँसी की कीमत क्या है, ये बता दे तू
कहे तो आसमान से चाँद तारें ले आऊँ
हसीन, जवान और दिलकश नज़ारे ले आऊँ
तेरा ममनून हूँ तूने निभाया याराना
तेरी हँसी है आज सब से बड़ा नजराना
यार के हँसते ही, महफ़िल पे जवानी आ गई
ह घ्या परत ई
गाता रहे मेरा दिल
हे घ्या
डमडम डिगा डिगा
लाल छड़ी मैदान खड़ी
काय आलं ? ड :( ज घेतो.
उम्म्म्म्म्म......आमी नाय खेलनार जा
हवा हवा
दर्दे दिल दर्दे जिगर
करता नहि कोइ मुझे सलाम.. लेता
फुल तुम्हे भेजा है ख़त में फुल
हमें तुम से प्यार कितना, ये
निले निले अंबर पर
एक दो तिन चार पाच चे सात आठ
एके काळी तासनतास निघून जायचे भेंड्या खेळताना
एक सो एक गाणी येतायत...
रूप तेरा मस्ताना
Ring-a-ring o' roses,
नो नो, नो नो . नोन्नो, नोन्नो
नाम गुम जायेगा
हम तो है परदेसमे देस मे निकला
दिल तो है दिल
ए अजनबी तू भी कभी आवाज दे
वाह!!!!!!
>>>> आपलं
हा हा हा.........
हमने तुमको देखा
साथीया तूने क्या किया
मला अस वाटते की.......
रातकली एक ख्वाब में आई
ई बदलून द्या.
इक बंजारा ग्गाये जीवनके गीत
इशारो इशारोमे दिल लेनेवाले
समा है सुहाना .....सुहाना
है अपना दिल तो आवारा
हाल कैसा जनाब का
गीत गाता हु मै
मैने पूछा चांद से
सरकाईलो खटिया जाडा लगे
गुम है किसी के प्यार मे....
मै शायर तो नही
ईचक दाना बीचक दाना दाने ऊपर दाना
मस्त
म
पि पि पि पी पीया
यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिन्दगी
एक दोन तीन चार
नाय समझिंग्ड....
इमलि क बूटा
राम करे ऐसा हो जाए
ए काय बोलते तू?