सिनेमा- दिवार
अमिताभ - मेरे पास गाडी है, बंगला है, तुम्हारे पास क्या है?
शशी - भाई, आजकल मेरा गझनी हुएला है, कुछ याद नही रहता. तुहीच बता ना मेरे पास क्या क्या है?
--अवलिया
सिनेमा- दिवार
अमिताभ - मेरे पास गाडी है, बंगला है, तुम्हारे पास क्या है?
शशी - भाई, मेरे पास ये कुछ णही है .. क्यो के मेरे पास माँ है .. प्लिज इकको ले जाओ !
अरे मारने से पहले यह तो जान लिया होता के जिसे मार रहे वह कोई लुच्चा हैं या अपने मालिक का बच्चा है.
बोल राधा बोल... कादर खान ऋषी कपूरला मारल्याबद्दल गावकऱ्यांना जाब विचारत असतो.
गाववाले: अरे भइया... अपने मालिक दुनियाभर घूमते रहते थे... कहां कहां का ट्रॅक रखेंगे...
बिपिन कार्यकर्ते
राजकुमार : जानी... हम
उत्तर : सबके नाक मे दम
सुहास..
"व्यथा असो आनंद असू दे, प्रकाश किंवा तिमिर असू दे,"
"वाट दिसो अथवा न दिसू दे, गांत पुढे मज जाणे, माझे जीवनगाणे। "
तुम्हारा नाम क्या है बसंती :-- इति जय (शोले)
बसंती :-- क्यों की हमे जादा बात करने की आदत तो है नही और अंग्रजी हमारे पल्ले नही पडती ,क्यों धन्नो बराबर बोल रहे है ना हंम ?टांगा चला कौन रहा है,,टांगा हंम चला रहे है,,अगर धन्नो घोडी होकर टांगा खिच सकती है तो मै औरत होकर टांगा चला क्यों नही सकती?
लेकीन आप हमे,,फ्युचर की मिसेस विरु कह सकते है!
मदनबाण.....
Be only positive and pure minded,for in such temples of the mind God loves to come and to stay.
Paramahansa Yogananda.
http://en.wikipedia.org/wiki/Paramahansa_Yogananda
वीरू : .. इन कुत्तोके सामने मत नाचना ....बसंती ..
बसंती : अबे बेवडे ..तो क्या अंधे इमामचाचा के सामने नाचू? या ठाकूर के सामने.? वो ठाकूर तो साला पैसाभी नही फेक सकता..तु तो दिनभर नवटाक मारके पडा रहता है ..तुम्हारा वो लंबू दोस्त दिनभर बाजेपे एक ही रोती हुही धुन बजाके राधाभाभीपे शायनींग मारता रहता है..गाववाले तो अपने अपने काम पे..कमसे कम आज बहोत दिनोंके बाद मौका मिला है इन कदरदान लोंगोंके सामने नाचने का और पैसा बनाने का वो भी तुमसे देखा नही जाता. आबानेभी डांसबार बंद किये है. धन्नोभी बुढी हो रही है. इस मंदी के टाइमपे कोई अपने आप पुछ रहा है उसमेभी साला तू टांग अडा..
खादाडमाऊ
अमिताभ - मेरे पास गाडी है, बंगला है, तुम्हारे पास क्या है?
शशी - भाई, मेरे पासभी गाडी है, बंगला है, बँक बॅलेंस है.
अमिताभ - हांय, फिर माँ कहा है ??
शशी - भाई , मा ने दुसरी शादी कर ली. आज मा के पास भी गाडी हॅ, बंगला हॅ,
"....आणि असेल मग फक्त शांतता.."
सिनेमा- दिवार
अमिताभ - मेरे पास गाडी है, बंगला है, तुम्हारे पास क्या है?
शशी - मेरे पास मा है.
अमिताभ - तो क्या नाचू..? या सबको मिठाई बाटू? ..
खादाडमाऊ
बच्चनः
जाओ पहले उस आदमीसे साईन लेके आओ जिसने मेरे हात पे ये लिख दिया
शशी:
एक बार पता चल गया के वो सायको इन्सान लोगो के बॉडीपे लिखता है तो मै कायकू उसका ऑटोग्राफ लेने जावूंगा
मै तुम्हारे बच्चे की.......
चलो अच्छा हुआ कुछ तो नतीजा निकला
आज तेरी नजरों से नजरे मिलाने की इजाजत चाहता हुं
जीनेसे पहले मरने की इजाजत चाहत हुं.
ये मुमकीन नही के खामोंश चला जाऊं
तुम्हे अल्फाजों मे बसाने की इजाजत चाहता हुं........विजुभाऊ सातारवी
३ परिक्षकांचा एकमताने निर्णय.
खादाड भाउ, बिपीन कार्यकर्ते, अवलिया ---- प्रथम क्रमांक
एकशुन्य, उनाड .... दुसरा क्रमांक
पहिल्या क्रमांकाची ३ व दुसर्या क्रमांकाची २ ही वर्गवारी झाल्यामुळे ३ बक्षिस नाही.
बक्षिकाचे चेक कुठे पाठवावे?
व्य. नी. करा.
प्रतिक्रिया
सिनेमा-
सिनेमा-
सिनेमा-
कादरखान वि. गाववाले
शिणेमा-
छोटासा..
तुम्हारा
गब्बर
बसंती
दिवार
ही ही ही
और एक
और एक
शिवा
और एक
राजकुमार -
कान खोलके सुन ले
मै
ओ विजुभौ ...
निकाल
एस एम एस का
आभारी आहे.
आभार आणि
माझे बक्षीस