नको मारू खडा रे सख्या फ — फटू, Sat, 04/12/2008 - 08:20 प्रतिक्रिया द्या 1667 वाचन 💬 प्रतिसाद (1) आवडली शुचि Wed, 05/05/2010 - 05:24 नवीन आवडली कविता सवतचि भासे मला| दूती नसे ही माला|| नच एकांती सोडी नाथा| भेटू न दे हृदयाला||
आवडली शुचि Wed, 05/05/2010 - 05:24 नवीन आवडली कविता सवतचि भासे मला| दूती नसे ही माला|| नच एकांती सोडी नाथा| भेटू न दे हृदयाला||
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