अनंताचा खेळ..
लेखनविषय:
गेला रूसुनिया | कातर सांजेला |
तेजाचा तो गोळा | लालबुंद ||
कललेली सांज | चढणारी रात |
सोडुनिया साथ | रवी गेला ||
कुशित तमाच्या | नक्षत्रे सहस्र |
नांदती एकत्र | चांदवर्खी ||
शशीबिंब नभी | लोभस देखणे |
धरेचे लाजणे | पाहून ते ||
चंदेरी ही रात | सावळा शृंगार |
क्षितिजाच्या पार | रवी पाही ||
वितळला राग | सोडी अहंकारा |
मागतो किनारा | नभाकडे ||
भिजली पहाट | त्याच्या आसवांत |
झाली वाटाघाट | चंद्रासवे ||
चांद परतूनी | रवीबिंब आले |
क्षितिज रंगले | केशरात ||
रोजचाच घोळ | नाही ताळमेळ |
अनंताचा खेळ | चालू राही ||
- प्राजु
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